कोरोना काल में अगर दुनिया भर के लोगों को किसी चीज का इंतजार है तो केवल इसकी वैक्सीन का। दुनिया की कुछ कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बनाने में सफल भी हो गई हैं । अब सभी लोग वैक्सीन लगने का ही इंतजार कर रहे हैं। इन सभी के बीच यूरोपीय संघ ने वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है । कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से निजात पाने के लिए यूरोपीय संघ ने पहला कदम उठा लिया है। 

यूरोपीय संघ ने रविवार को अपने 45 करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लगने का ऐलान कर दिया है।

यूरोपीय संघ में 27 देशों के लोगों को कोरोना का टीका लगाने की शुरुआत कर दी गई है। इन लोगों में मेडिकल कर्मियों, नर्सिंग होम के कर्मियों और बड़े नेताओं जैसे लोग शामिल हैं। इन लोगों को सबसे पहले टीका लगाकर लोगों में टीके के प्रति विश्वास जागरुक करने का प्रयास किया गया है । लोगों को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि यह टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है और corona से बचाव करने में कारगर है। 

रोमानिया में  मैटई बाल्स इंस्टीट्यूट ( बुखारेस्ट ) की नर्स मिहाला एंजेल को सबसे पहले टीका लगाया गया । गलत जाने पर उन्होंने कहा कि , ” इससे बिल्कुल भी दर्द नहीं हुआ , अपनी आंखें खोलिए और टीका लगवाइये ।

लोगों को चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं है 

रोम के डॉक्टरों ने लोगों से यह आग्रह किया है कि यह वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित है और लोगों को इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है । रोम के डॉक्टर्स का कहना है कि , ” यह संदेश आशा , विश्वास और सबके साथ साझा करने के निमंत्रण का है । चिंतित होने का कोई कारण नहीं है । “

यूरोप में कोरोना से 300000 से अधिक लोगों की मौत 

यूरोप कोरोना की वजह से काफी बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। यूरीपीय संघ के 27 देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के कम से कम 1.6 करोड़ मामले सामने आये हैं और संक्रमण से 3,36,000 लोगों की जान चली गई । यह आंकड़े वाकई में चिंतित कर देने वाले हैं । सबसे बुरी तरह से इटली प्रभावित हुआ है जहां पर 72000 लोगों की कोरोना की वजह से जान चली गई । 

कोरोना वायरस का टीका है सुरक्षित

यूरोपीय संघ के देशों ने टीकाकरण की शुरुआत करके सब को यह संदेश देने की कोशिश की है कि लोगों को वैक्सीन से डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह टीका सुरक्षित है और महीनों के लॉकडाउन के कारण यूरोप के लिए इस महामारी और आर्थिक नुकसान से उबरने का एक अवसर है।

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